हर व्यक्ति के कुछ दायीत्व जन्म के साथ ही निर्धारित हो जातें है एव उसमें एक मुख्य दायीत्व या ऋण जन्मभुमी क प्र​ित होता है। प्राय: लोग अपने जीवन की आपाधापी एवं व्यसतताओं में अपनी जन्मभुमि एवं उससे जुडे दायीत्वो को भुल जाते है इसके मुख्य कारण समय का अभाव, जन्मभुमि एवं कर्मभुमि की दुरी एवं एक एसे मंच की कमी जहां लोग एक दुसरे से जुड सके एवं अपने विचार स्वतन्त्रता से रख सके होना है ।
इन सभी कारणो का वर्तमान युग मे केवल एक ही समाधान है ओर वो है इन्टरनेट हमने इसी को ध्यान मे रखते हुए इस बेब साइट से जुड कर अपनी जन्मभुमी और पैतृक गांव के विकास के लिए एक कदम उठा रहे है इसके माध्यम से हम हमारे अनुभवो का उपयोग कर हमारे गावं के लोगो एवं किसी भी रुप मे इससे जुडे हुए लोगो की आर्थिक, शैक्षणिक, मानसिक एवं शारिरीक विकास एवं सामाजिक कुरितीयो, अन्याय, अशिक्षा को मिटाने का प्रयास कर रहे है।

सलाहकार मंडल

श्री विजय राम रेबारी

व्यवसायी एवं समाजसेवी, अहमदाबाद

आपका जन्म 11.2.1968 में श्री नथा जी रेबारी के यहां रेबारियों की ढाणी, कोशीवाडा में हुआ था। आपकी माता श्रीम​ित सोहनी देवी रेबारी व्यवहार कुशल एवं मृदुभाषी व्यक्तित्व की धनी है तथा वर्ष 2010 में आपकी माता जी को सरपंच के लिए निव्रिरोध चुना गया था। आपका बचपन बडा संघर्ष एवं प्रेरणादायक रहा। परिस्थिती अनुसार आपने 5 वीं तक ही पढाई की एवं नौकरी के लिए अहमदाबाद जाना पडा। आपका विवाह 2.4.1985 मे श्रीम​ित के साथ सम्पन हुआ जो की पास के गांव उसरवास की रहने वाली है। अअहमदाबाद में आपने अपनी लगन एवं कडी मेहनत द्धारा आज एक बडा व्यवसाय खडा कीया हैं।

आपके परिवार में आपके अलावा एक भाई श्री नारायण लाल रेबारी एवं बहीन श्रीम​ित रेबारी है। तथा दोनो भाईयों का अच्छा आपसी स्नेह हैं।

आपके 2 पुत्रीयां एवं 1 पुत्र है जो की आपके साथ ही अहमदाबाद रहते है एवं अपनी पढाई कर रहे हैं।

इसके अलावा वर्ष 2011 में आपकी योग्यता को देखते हुए समाज के लोगो द्धारा रेबारी समाज राजसमन्द के जिलाअध्यक्ष पद नियुक्त कीया। जिसका निर्वहन आप द्धारा अच्छे ढंग से कीया जा रहा है।


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श्री मोहन सिंह चदाणा

व्यवसायी एवं समाजसेवी, मुम्बई

कौन कहता हे कि आसमान में सुराख नही हो सकता।
एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो।।
किसी शायर ने ये जुमला जिन मेहनती एवं साहसी लोगो के लिये कहा है उन्ही में से एक है श्री मोहन सिंह जी चदाणा।
गाँव मोखाडा के डुमेला की भागल मे श्री अमरसिंह जी चदाणा के यहां 11.12.1953 में मोहन सिंह जी चदाणा का जन्म हुआ। भरे पुरे परिवार में तीन भाई एवं दो बहिनो के साथ बचपन बिता, किन्तु दो भाईयों के असमय स्वर्गवास हो जाने से उनका सानिध्य अधिक समय तक नही प्राप्त हो सका।
29 साल की उम्र मे उसर गांव कुम्भलगढ तहसिल मे श्रीमति पुष्पा देवी के साथ आपका विवाह सम्पन्न हुआ। प्रभू ने दो सुपुत्र एवं दो सुपुत्रीयों के रूप में खुशहाल परिवार से नवाजा, जिसमें एक पुत्र एवं एक पुत्री की धुमधाम से शादी करवा कर अपने दायित्वों का निर्वाह किया।
आपका एक पुत्र श्री हीम्मत सिंह वर्तमान में गा्रम पंचायत कोशीवाडा के उपसरपंच पद पर आसीन है, तथा दुसरा पुत्र मुबंई मे इंजीनीयरिग की पढाई कर रहा है एवं एक पुत्री डाक्टरी की पढाई कर रही है।
जैसे सोना आग में तप कर कुदन बनता है वैसे ही आप ने भी अपने बचपन में बहुत सी कठीनाइयों से मुकाबला करते हुए इस मुकाम को हासिल किया है। आपने अपने संधर्ष के दिनों में 6-7 वर्ष की कच्ची उम्र मे ही पास ही के गांव गांवगुडा मे मात्र 50 पैसे प्रतिदिन के हिसाब से पत्थर डालने की मजदुरी की। 9 साल की उम्र मे रोजगार की तलास में इन्दोर गये एवं होटल पर नौकरी की । 3 साल तक होटल की नोकरी करने के पश्चात बाम्बे गये जहां लोगो के धर पर कार्य कीया जिसमे बर्तन साफ करना कपडे धोना खाना बनाना आदि कार्य शामिल थे।
वहाँ से एक बर्तन की दुकान पर कार्य कीया जहां एक भली महीला द्वारा व्यवयास एवं पढाई का ज्ञान दिया। कुछ समय पश्चात मलाड में स्थित कपडें की दुकान पर नौकरी की वहां एक अन्य साथी नौकर से अक्षर ज्ञान कर, पढना व लिखना सिखा।
निरतंर अपनी लगन व तपस्या से स्वयं की एक साडी की दुकान मलाड म्युनीसीपल मे लगायी एवं 3 साल तक इस व्यवसाय मे तन मन व धन से लगे रहे । कपडे की दुकान के साथ स्क्रेप व्यवसाय शुरु कीया उसमें भी आपकी कडी मेहनत एवं लगन के परिणम स्वरूप 3 साल पश्चात मेटल की एक दुकान खोलनें में सफल हुए। अपनी कडी मेहनत, लगन एवं ईश्वर क्रपा से व्यवसाय एवं समाज मे एक ईज्जतदार एवं समाजसेवी के रुप मे अपनी पहचान बनाई।
स्वयं की उत्रोत्तर प्रगती के साथ समय समय पर आवश्यक लोगो की सेवा में आप सदैव तत्पर रहे तथा तन मन व धन से समाज सेवा मे जुटे रहें। आपके इन्ही गुणोें व लोकप्रियता के चलतें हल्दी घाटी महाराणा प्रताप मेवाड राजपुत समाज मुम्बई के राजसमन्द एव उदयपुर जिले के अघ्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना गया जिसके साथ ही आप राजपुत समाज के एक सम्मानीय अ्रंग बन गए है।
प्रभू के आशिर्वाद तथा अपनी मेहनत से आज श्री मोहन जी बतौर सफल व्यवसायी तथा समाज सेवक के रूप में पहचानें जाते है, जिनकी ख्याति व प्रसिद्धि के साथ हमारे गाव मोखाडा, कोशिवाडा का भी नाम रोशन हो रहा है।
आज मोहन सिंह जी चदाना के व्यक्तित्व से सभी गाँव वासी प्रेरणा लेकर समाज हित में आगें आने की कोशिश कर रहे हे, ऐसे प्रेरणादायी व्यक्तित्व को अपने परिवार के सदस्य के रूप में पाकर आपकी माता श्रीमती प्रताबी बाई अवश्य ही धन्य हो गई है, साथ ही पत्नी श्रीमती पुष्पादेवी, पुत्र हिम्मतसिंह, प्रेमसिंह एवं पुत्रिया सीता एवं रेखा के साथ साथ समस्त मोखाडा गावं उन्हे अपने बिच पाकर हर्ष का अनुभव करता है।


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श्री गणेश डागलिया

व्यवसायी एवं समाजसेवी, उदयपुर

नामः गणेश डागलिया
पिताः स्व. श्री तोलाराम जी डागलिया
जन्मः 20 अक्टुम्बर,1944
व्यवसायः चांदी के बर्तनो के निर्माता एवं विक्रेता।
अपरान्ह टाईम्स सायंकालीन, दैनिक अखबार।
रुचिः सामाजिक,धार्मिक,शैक्षणिक,चिकीत्सा, राजनैतिक एवं खेलकुद क्षैत्र में कार्य करना।
पताः व्यावसायिक -
कनिका ज्वेलर्स घन्टाघर उदयपुर
फोन - 0294-2426444, 2426555, 2426222
निवास -
266/18, अशोक नगर, उदयपुर
फोन- 0294-2410440, 2411440
मोबाइल - 9414166555, 9929616133
सामाजिक उपलब्धियां -
1. विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से ब्लड बैक उदयपुर में 6 बर्ष में 3500 व्यक्तियों द्धारा रक्तदान कराया तथा स्वयं ने 42 बार रक्तदान किया।
2. संस्थापक अध्यक्ष-तुलसी निकेतन समिति कालेज स्तरीय 100 कमरो का छात्रावास।
3. संस्थापक अध्यक्ष-उदयपुर सेवा समिति के 25 वर्षो से नगर की जन समस्याओं के लिये वार्ड दोरो द्धारा समाधान।
4. संस्थापक अध्यक्ष-अणुव्रत समिति उदयपुर 25 वर्षो से व्यसन मुक्ति जीवन नैतिक एव्र संस्कारिक साम्प्रदायिक सोहार्द्र आदि कार्यक्रमों के माध्यम से जन जाग्रति करना।
5. संस्थापक अध्यक्ष-उदयपुर मित्र व्यवसाय समिति 17 वर्षो से व्यापारियों के हितो के लिये कार्य करना।
6. संस्थापक अध्यक्ष-मेवाड सहायता समिति के 24 वर्षो से अकाल के समय पशुओं को चारा उपलब्ध करवाना।
7. संस्थापक अध्यक्ष-हनुमान मन्दिर विकास समिति, अशोक नगर 21 वर्षो से धार्मिक अनुष्ठान एवं सत्सगं।
8. अध्यक्ष एवं वर्तमान में संरक्षक चेम्बर आॅफ काॅमर्स उदयपुर डिविजन के 12 वर्षो तक व्यापारियों के हितो एव्र नगर विकास हेतु कार्य करना।
9. मुख्य संरक्षक महावीर जयन्ती समारोह समिति अशोक नगर के एवं 17 वर्ष तक अध्यक्ष रहें। समस्त ज्ैन समाज के सामुहिक कार्यक्रम आयोजित करना।
10. संस्थापक अध्यक्ष-उदयपुर व्यवसाय संघ के 15 वर्षो तक रहे।
11. संरक्षक सर्राफा एसोसिऐशन उदयपुर
12. संरक्षक सदस्य महिला मण्डल उदयपुर में 25 वर्षो से उधोग शाला एव्र शिक्षा की उन्नति हेतु अग्रणी संस्था।
13. संस्थापक उपाघ्यक्ष महावीर विकलांग सहायता समिती उदयपुर के निशक्तजनों की निःशुल्क सेवा उपकरणो के माध्यम से।
14. वरिष्ट उपाध्यक्ष एवं आजीवन सदस्य भारती रेडको्रस सोसायटी के 31 वर्षो से।
15. उपाध्यक्ष शहर जिला कांग्रेस उदयपुर के एव्र 39 वर्षो से सक्रिय सदस्य।
16. उपाघ्यक्ष एवं आजीवन सदस्य राजस्थान महिला विद्यालय संस्था में छात्राओं की उच्च स्तरीय 92 वर्ष पुरानी संस्था।
17. पूर्व अध्यक्ष युवक परिषद उदयपुर।
18. संस्थापक महामंत्री तुलसी साधना शिखर राजसमन्द के 28 वर्षो से प्रेक्षाघ्यान जीवन विज्ञान, योग, प्राक्रतिक एव्र होम्योपेथिक चिकित्सा एव्र वृद्धाआश्रम के द्धारा सेवा।
19. आलोक संस्थान उदयपुर के कार्यसमिति के 35 वर्षो से कार्यकारिणी सदस्य।
20. आजीवन सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष, पूर्व जोन अध्यक्ष महावीर इन्टरनेशनल के समाज सेवा एव्र रक्तदान हेतु कार्य एवं 4 प्याउ का निर्माण।
21. रोटरी क्लब आॅफ उदयपुर के 38 वर्षो से आजीवन सदस्य।
22. फिल्ड क्लब उदयपुर के 35 वर्षो से आजीवन सदस्य।
23. भारतीय लोक कला मण्डल के 35 वर्षो से आजीवन सदस्य।
24. महाराणा कुम्भा संगीत परिषद के 30 वर्षो से आजीवन सदस्य।
25. विज्ञान समिती के 32 वर्षो से आजीवन सदस्य एव्र सकी्रय सहयोगीं
26. सम्यक ज्ञान पीठ के 35 वर्षो से आजीवन सदस्य।
27. तेरापंथ सभा के पूर्व अध्यक्ष एवं 40 वर्षो से आजीवन सदस्य।
28. मेवाड तेरापंथ कान्फे्रन्स के 37 वर्षो से आजीवन सदस्य।
29. संगीत नाट्य निकेतन भुपालपुरा के 27 वर्षो से आजीवन सदस्य।
30. अणुव्रत विश्व भारती राजसमन्द के 18 वर्षो से आजीवन सदस्य।
31. जैन विश्व भारती लाडनू के 26 वर्षो से आजीवन सदस्य।
32. अखिल भारती तेरापंथ महासभा के 27 वर्षो से आजीवन सदस्य।
33. अखिल भारती तेरापंथ युवक परिषद के 27 वर्षो से आजीवन सदस्य।
34. अखिल भारतीय अणुव्रत समिति के कार्यकारिणी सदस्य।
35. प्रदेश अणुव्रत समिति के कार्यकारिणी सदस्य।
36. पूर्व पार्षद वार्ड न. 30, अशोकनगर।
37. सरकार द्धारा विभिन्न विभागो व कमेटियों में नियुक्त सलाहकार सदस्य।
38. शैक्षणिक, धार्मिक, सामाजिक, खेलकुद, राजनैतिक आदि क्षैत्रो मे सक्रिय जुडाव एवं कार्य करना।
श्री गणेश डागलिया एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी है जिनका जीवन सरल, मिलनसार, सहयोगी के रुप में रहा हैं। सामाजिक कार्यो के प्रति समर्पित रह कर कार्य करना आपकी दिनचर्या का हिस्सा रहा है। महावीर विकला्रग सहायता समिती के माध्यम से विकलांगो एव्र निशक्तजनो की सेवा में आप सदा अग्रणी रहे है आपके व्यक्तित्व एव्र क्रतित्व ने हमेशा लोगों को प्रेरणा दी हैं। नगर की प्रत्येक संस्था एव्र सामाजि क्षैत्र मे तन मन व धन से सेवा करने में समर्पित रहे है।


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श्री कीशन लाल डागलिया

समाजसेवी, व्यावसायी एवं राजनितीज्ञ, मुम्बई

पिताः स्व. श्री मोहनलाल जी डागलिया
जन्मः 27 नवम्बर, 1951
शिक्षाः एच.एस.सी. राजस्थान बोर्ड
व्यवसायः डायमन्ड, सोने एवं चांदी के आभुषण के
होलसेल विके्रता
पताः- 26 ए, 54/55 दागिणा बाजार के पिछे
प्रथम मंजिल दुकान नं. - 7 मुम्बादेवी रोड
मुम्बई - 400002
फोन - 91 22 2242 4896 मोबाईल - 9869204725
ईमेल - kishan.dagliya@gmail.com
समाजिक एवं धार्मिक गतिविधियां -
1. अध्यक्ष - आचार्य महाप्रज्ञा विद्या निधि फाउन्डेशन, मुम्बई
2. अध्यक्ष - श्री सर्राफ वेलफेयर एसोसियेशन, मुम्बई 2002-2005, 2005-2008, 2008 से अभी तक
3. उपाध्यक्ष - जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा, कोलकता
4. उपाध्यक्ष - जैन शक्ति, मुम्बई
5. सचिव - भारत जैन महामन्डल, मुम्बई
6. सहायक सचिव - जनता की पुकार, मुम्बई
7. विशेष कार्यकारी - महाराष्ट्र सरकार द्धारा नियुक्त, 1991 से
8. सलाहकार जैन - श्वेताम्बर तेरापथं सभा
9. सलाहकार - सर्राफ युवक परिषद, मुम्बई
10. सलाहकार - कोशीवाडा जैन मित्र मन्डल, राजस्थान
अन्य उपलब्धीयां
1. अध्यक्ष - अखिल भारतीय तेरापथं युवक परिषद 1994-1997
2. अध्यक्ष - कोशीवाडा जैन मित्र मन्डल, राजस्थान
3. अध्यक्ष - भारत जैन महामन्डल युवा विभाग 1990-1993
4. अध्यक्ष - तुलसी अम्रत निकेतन कानोड राजस्थान
5. अध्यक्ष - भारत विकास परिषद मुम्बादेवी 2003-2005
6. अध्यक्ष - भारत विकास परिषद महालक्ष्मी 2006-2007
7. उपाध्यक्ष - आचार्य महाप्रज्ञ प्रवास व्यवस्था समिती, मुम्बई
8. सामान्य सचिव - भारत जैन महामन्डल 2001-2004
9. सामान्य सचिव - जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा, मुम्बई
10. सचिव - व्यापारी सुरक्षा संघ, मुम्बई
11. सहायक सचिव - जैन श्वेताम्बर तेरापथं सभा मुम्बई
12. संगठन सचिव - तेरापथं युवक परिषद, मुम्बई
13. कोषाध्यक्ष - अणुव्रत विश्व भारती राजसमन्द, राजस्थान
14. कनवेनर - आचार्य महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिती कोशीवाडा
15. सलाहकार सचिव - अखिल भारतीय तेरापथं युवक परिषद
16. कार्यकारी सदस्य - जैन विश्व भारती लाडनु
17. सदस्य - शान्ती प्रतिष्ठान, गंगाशहर
राजनितिक गतिविधीयां -
1. उपाध्यक्ष - मुम्बादेवी विधानसभा भारतीय जनता पार्टी
2. संगठन सचिव - व्यापारी प्रकोष्ठ बी.जे.पी. मुम्बई
3. अध्यक्ष - व्यापारी प्रकोष्ठ मुम्बादेवी, मुम्बई
4. उपाध्यक्ष - वार्ड नं. 8 बी.जे.पी.
5. कोषाध्यक्ष - बी.जे.पी. वार्ड नं. 8

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