जब कीसी गांव का नाम आता है तो हर व्यक्ति की यह कल्पना होती है की एक स्वर्ग जहां पानी,खेत,हरियाली,जंगल और शांती हो। परन्तु वर्तमान में गांवो की स्थित कुछ भिन्न है। वर्तमान में गांवो में भी हरीयाली एवं पेडो की भारी कमी आ गयी है सारे बडे एवं छोटे पहाड बिना पेडो के ठुंट की तरह खडे है जिससे उनका आकर्षण भी खत्म हो चुका है। लगातार अकाल एवं जनसंख्या वृद्धि के कारण पेडों एवं जंगलो की स्थिती चिन्ताजनक है। सरकार द्धारा समय समय पर वृक्षारोपण अभियान चलाकर पुन: धरती को हरी भरी करने का प्रयास कीया जा रहा है। जंगलो एवं हरियाली के रखरखाव में कही न कही सरकारी प्रयासो में भी कमी रही परन्तु सरकार के प्रयासो मात्र से पुन: हरियाली एवं जंगलो को हरा भरा नही कीया जा सकता जब तक जनता जागरुक नही होगी तब तक पुन: धरती को हरी भरी नही कीया जा सकता।
वर्तमान में ग्राम पंचायत में फोरेस्ट की स्थिती निम्नानुसार है -
वर्ष 2007 से 2012 में वन विभाग द्धारा कीये गये कार्य निम्नानुसार है -
वर्ष 2007 से 2012 में ग्राम पंचायत द्धारा कीये गये कार्य निम्नानुसार है -
गा्रम पंचायत में वनो एवं हरियाली के रखरखाव के लिए निम्न सरकारी तन्त्र है -
पदनाम कार्यालय पताकोन्टेक्टsDV