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Submitted by Surendra Purohit on 2013-09-14 17:09:29
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कल देवझुलनी एकादशी

कल देवझुलनी एकादशी के उपलक्ष्य में गवरी उपवास करेगी तथा गवरी के आयोजक हीरालाल राठौड द्धारा अल्पाहार कराया जायेगा एवं अगले दिन पालना खोलाया जायेगा। एकादशी पर गवरी खेलती नही हैं गवरी से झुडे सभी लोग स्नान, कपडे धोना, दाढी बाल कटींग इत्यादी कार्य करवाते हैं। तथा शाम 4 बजे ठाकुरजी की रेवाडी के साथ थाली मादल पर नाचते गाते ठाकुरजी को जुलाने नागेला तालाब जाते हैं। जिसमें गवरी से झुडे लोग तालाब पर नही आते है वो मात्र बलाई बस्ती तक आकर रुक जाते है। ये लोग गवरी के विसर्जन पर ही तालाब पर आते हैं।