News
Submitted by Surendra Purohit on 2013-09-24 14:44:23
Post News | Show All News

गवरी मे उमड रहा श्रृद्धा का सैलाब

कोशीवाडा गांव में चल रही गवरी में श्रृद्धालुओं की सख्या धीरे धीरे बढ रही हैं। एकादसी के बाद फुलो में रहने वाले लोगो की संख्या भी बढी हैं। गौरजीया माताजी के दोनो समय की सेवा में मन्दिर के बाहर काफि भीड रहती हैं। पाती खाने वाले लोगो की कतार लगी रहती हैं जिनमें महीलाएं एवं बच्चे भी शामील हैं।
श्रृद्धा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता हैं की 13 सितम्बर से गवरी को खाना खिलाने का कार्यक्रम शुरु हुआ हैं जो 24 सितम्बर यानी आज तक बुक हो चुका था। 13 सितम्बर को सबसे पहले पन्नासिंह बाबरिया तलाई ने गवरी को भोजन करवाया था उसके बाद लगातार भोजन चल रहे थे। 14- गोपालसिंह बाबरिया तलाई, 15,16- हीरालाल राठौड, 17- रामसिंह झांझेला, 18- नथा रेबारी ढाणी, 18 सांय- धर्मचन्द राठौड, 19- शिव आश्रम आयतो का खादर योगी गणेशनाथजी, 20- तुलसीसिंह रामर की भागल, 21-मानसिंह रामर की भागल कुंवाई,  21 सांय- श्रीमति चकबाई पत्नि स्व. जगदीशलाल पुरोहीत, 22- राजुसिंह मोटी भागल, 23- सामुहिक जानकीलाल, मदनलाल, चेनशंकर, भगवानलाल दर्जी, ललित दर्जी। आज सोहनलालजी राठौड द्धारा गवरी को भोजन करवाया गया था।
गवरी को भोजन करवाने में श्रृद्धालु की इच्छाअनुसार गवरी के अलावा फुलो मे रहने वाले, पुजारनीया और अन्य गा्रमीणो को भी भोजन करवाया जाता हैं। गवरी का भोजन करवाने वाले को पाटवी, दोनो राईमाताजी, नो नैगाती को पेरावणी करवानी पडती हैं एवं ढाल मे श्रृद्धानुसार चढावा रखना पडता है।
भोपाजी शंकरलाल ने बताया की गवरी आज सांय को शिशोदा के लिए प्रस्थान करेगी।