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Submitted by Surendra Purohit on 2013-09-25 11:25:18
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गवरी विसर्जन 2 को

कोशीवाडा मुख्य गांव में चल रही गवरी का विसर्जन 2 अक्टुम्बर को होगा। गौरजीया माताजी से गवरी के विसर्जन की पाती मांगने पर बारस तेरस को गडावन वलावन की पाती मिली हैं। 1 अक्टुम्बर बारस मंगलवार को गवरी गडावन खेलेगी। जिसमें गौरजिया माताजी की प्रतिमा को कुम्हार के घर से लाया जायेगा एवं माताजी के मन्दिर ले जाया जायेगा तथा दुसरे दिन वहां से पुनः गांव के मुख्य चैराये पर लाया जायेगा। 2 अक्टुम्बर तेरस बुधवार को गवरी की वलावन अर्थात विसर्जन होगा। बारस की रात को रात्रिकालीन गवरी का आयोजन कीया जायेगा जिसमें श्रृष्टि की उत्पति का इतिहास बताया जायेगा। तथा रात को गवरी के सभी खिलाडी जोगी का रुप धारण कर लेगें। सवेरे गा्रमीणो के द्धारा अपने अपन घर के गमेती को पेरावणी करायी जायेगी। शुभ मुहुर्त में माताजी को विसर्जन के लिए नागेला तालाब ले जाया जायेगा।
इसी क्रम में मंगलवार को गौरजीया माताजी के पाती बुवाई जो गडावन के दिन माताजी को चढाई जायेगी। गवरी में भाग लेने वाले सभी गमेतीयो के घर पर भी ज्वारे की बुवाई की जाती हैं जिसमें बुवाई के लिए गौरजीया माता मन्दिर से सभी को ज्वार के बीज दीये जाते हैं।