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Submitted by Surendra Purohit on 2013-02-26 14:47:34
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खेतपाल भैरुजी बावजी सेवा संस्थान, मोखाडा के प्रयासो से निखरने लगा मन्दिर

मोखाडा कोशीवाडा खेतपाल भैरुजी बावजी सेवा संस्थान के प्रयासो से खेतपाल भैरुजी देवडा तालाब मन्दिर का स्वरुप निखरने लगा। सस्था के सभी पदाधिकारीयो एव सदस्यो के सामुहिक प्रयासो से मन्दिर के बाहर चारदीवारी बनाकर एक बगीचे का निर्माण कर उसमें वृक्षारोपण कीया गया हैं। मन्दिर के चारो तरफ खाली पडी उबड खाबड जगह को भी जेसीबी के द्धारा समतल कर दीया गया। मन्दिर में स्थानीय गांव के भामाशाह द्धारा फर्सी फिर्टीग का कार्य भी करवाया हैं। मन्दिर में श्रृद्धालुओं के पीने के पानी के लिए ट्युबवेल की व्यवस्था हैं।
ऐसा माना जाता है की यह शिशोदा भैरुजी की ही जोत हैं। पुराने समय में शिशोदीया राजपुतों के कुछ वंशज शिशोदा छोडकर मेराजीया बाबरीया चले गये जो वर्तमान में बडा भाणुजा गा्रम पंचायत में हैं। परन्तु शादी ब्याव एवं अन्य कार्यक्रमो पर इन राजपुत परिवारों को खेतपाल पुजन के लिए शिशोदा जाना पडता था जो काफी दुर पडता और जंगल भी हुआ करता था। इस परेशानी के कारण इन सभी परिवारो ने खेतपाल धणी शिशोदा के यहां अरदास की जिस पर ठाकुरजी ने एक मुर्ति ले जाने का आदेश दीया। इसी पर इन सभी परिवारो ने ठाकुरजी को लेकर अपने गांव मेराजीया बाबरीया के लिए रवाना हुए पर रास्ते में जहां वर्तमान में मन्दिर हैं विश्राम लिया और जब विश्राम के बाद ठाकुरजी का ले जाने का प्रयास कीया तब वो ठाकुरजी को वहां से हीला नही सके। इस पर सभी लोगो ने मिलकर यही मन्दिर बना ठाकुरजी की स्थापना कर दी। तब से इन गांवो के सभी राजपुत परिवार यहीं पर सेवा पुजा करने के लिए आतें हैं। 
मन्दिर में रविवार को भैरुजी के सेवा होती है तथा लोगो की विशेष भीड रहती हैं। मन्दिर में सेवा पुजा कार्य तलाईयो के भीलवाडा के भोपाजी श्री भीमा जी गमेती द्धारा कीया जाता हैं। मन्दिर में मोखाडा, कोशीवाडा के साथ साथ मेराजीया व बाबरीया से भी कई श्रृद्धालु आतें हैं।
वर्तमान में मन्दिर के विकास एवं इसके रख रखाव का सभी कार्य इस संस्थान द्धारा कीया जा रहा हैं एवं इस संस्थान के सेवा कार्य से सभी श्रृद्धालु खुश भी हैं।