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Submitted by Surendra Purohit on 2014-03-21 10:45:39
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मेरीजन्मभूमि से इन्द्रभील ने की मदद की गुहार

कोशीवाडा दुर्घटना से बिस्तर पर पडे डांग की घाटी निवासी इन्द्र पिता पेमा भील की आंखे मददगार के लिए निहार रही हैं। दुर्घटना से पुर्व इन्द्र एक पैर से विकलागं था तथा अब दुर्घटना ने स्थिती और बिगाड दी। इन्द्र के परिवार में दोनो विकलांग पति पत्नि व दो छोटे बच्चे हैं। 4 नवम्बर 2013 को मोटरसाइकील भीडन्त से घायल होने के बाद लगभग 3 महीने अस्पताल में इलाज करवाया जिसमें 4 आॅपरेशन हुए एवं दो युनिट ब्लड चढाया गया। घायल होने पर नजदीकी अस्तलाल खमनोर ले जाया गया जहां से उदयपुर के लिए रेफर कर दीया गया था। उदयपुर अस्पताल में अनदेखी से परेशान हो इन्द्र की पत्नि ने मेरीजन्भूमि सेन्टर पर सम्पर्क कीया। मेरीजन्मभुमि के सदस्यो ने अस्पताल में डाॅक्टर से मिल इन्द्र की वास्तविक हालात की जानकारी ली। डाॅक्टर ने बताया की इन्द्र के पैर में तीन फैक्चर है तथा इसके लिए अलग अगल स्टेज में आॅपरेशन होगें तथा आॅपरेशन के पूर्व ब्लड की जरुरत होगी। मेरीजन्मभूमि ने ग्रामीणो से ब्लड डोनेशन की अपील की जिस पर इन्द्र के लिए दो युनिट ब्लड तथा कुछ आर्थिक मदद भी मिली।
लगभगल तीन महीने ईलाज के बाद इन्द्र अब घर आया हैं परन्तु घर पर आने के बाद अपने परिवार के गुजारे की चिन्ता सता रही हैं। राज्य सरकार द्धारा मासिक 500 रुपये विकलांग पेंशन भी दी जा रही है परन्तु आप और हम अच्छी तरह समझ सकते है कि इन रुपयो से कीतनी मदद मिल जाती होगी। दुर्घटना से पहले तो इन्द्र और उसकी पत्नि जैसे तैसे अपने परिवार का गुजारा कर लेते थे परन्तु अब मुश्किल बढ गई है। पत्नि का पुरा दिन बिस्तर पर पडे पति की देखभाल में निकल जाता है। इन्द्र का 7 वर्ष का बडा बेटा शंकर भी पढाई छोड बकरिये चराने लगा हैं। ऐसी परीस्थिती में यदि हम इन्द्र के लिए वर्ष भर के राशन, कपडा एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था कर पाते हैं तो यह मानवता एवं समाज के हीत में होगा। आप भी यदि इस परिवार की कीसी भी तरह की मदद करना चाह रहे है तो मोबाइल नम्बर 09887069974,09887069973 अथवा admin@merijanmbhumi.com पर सम्पर्क करें।