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Submitted by Surendra Purohit on 2014-07-23 17:21:20
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चपरासी के भरोसे आयुर्वेदिक अस्पताल 

कोशीवाडा मुख्य गांव स्थित राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में न तो वैद्य हैं और ना ही कम्पाउन्डर। अस्पताल चतुर्थ श्रैणी कर्मचारी के भरोसे चल रहा हैं। लगभग एक वर्ष पुर्व 28 जुलाई, 2013 को वैद्य डाॅ भुरिलाल सोनी का मजा गांव में स्थानान्तरण हो गया उसके बाद से ही यह पद खाली पडा। एक कम्पाउन्डर का पद है वह भी लम्बे समय से रिक्त हैं। अस्पताल में इलाज के लिए दुर दराज की ढाणियों से कई रोगी आते है परन्तु उनको निराश लौटना पडता हैं। कोशीवाडा के साथ साथ मोखाडा, तलाईयों का भीलवाडा व सादुला के गा्रमीण इस चिकीत्सालय पर निर्भर हैं। साल भर से दोनो ही पद रिक्त होने से गा्रमीणो में काफि रोष हैं। गा्रमीणो की इस परेशानी से विभाग पर झुं तक नही रेंग रही हैं। 
गांव और भागलो से आये हुए बुजुर्गो और महीला रोगियो को चिकीत्सालय से रोजाना निराश लौटना पडता हैं। वैध नही तो कम से कम नर्सिगं स्टाफ की ही नियुक्ति कर दे तो लोगो को कुछ तो सुविधा मिलेगी। - गा्रमीण संजय पुरोहित