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Submitted by Surendra Purohit on 2013-04-05 13:21:53
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महीलाओं ने कीया आज दशा माता का व्रत और पीपल पुजन

कोशीवाडा प्रात: 7:30 बजे से ही महीलाऐ ंसज संवर हाथ में पुजा की थाली ले समुह में गीत गाते गाते दशा माता की पीपल पुजने सुथारो की भागल के लिए निकल पडी। परम्परानुसार गांव के पुजारी श्री सोहलाल जी की धर्म पतिन ने सबसे पहले पुजन कार्य कीया उसके उपरान्त अन्य समाज की महीलाओं नें। ढोल की थाप पर पुजन कार्य के उपरान्त महीलाओं ने पीपल की परिक्रमा लगार्इ एवं अलग-अलग समुह में बैठ दशा माता की कहानीयां सुनी।
दस दिनो तक चलने वाली दशा माता की यह कहानीयां होली जलने के अगले दिन से शुरु होती और आज 10 वें दिन की कहानीयां पीपल के वृक्ष के नीचे ही जहां पुजा की वहां सुनी।
कहानीयों के बाद सभी महीलाएं अलग-अलग प्रसाद मिठार्इ, गुड, खांडचणा, सिंघाडा की सेव, नारियल आदि वितरीत कीया जिसका पाने के लिए छोटे-छोटे बच्चो की भीड एकत्रित हो गयी। 
दशा माता की पीपल के वहीं श्रीनाथ जी के 100 नंग भी वितरित कीये गये। यह पुण्य कार्य स्वर्गिय श्री कालुसिंह जी दसाणा की तरफ से कीया गया। होनी को कोर्इ नही टाल सकता स्व. कालुसिंह जी ने अपनी मृत्यु के पहले ही पडोसी सुथारो को प्रसाद के लिए पैसे दे दीये था और कहा था की यह दशा माता के वहां बांटना हैं में शायद अहमदाबाद चला जाउ परन्तु र्इश्वर को कुछ ओर ही मन्जुर था और 4-5 दिन पहले स्वर्गवास हो गया।

कोशीवाडा में पुजन करती महिलाएं

मोखाडा में कहानीयां कहती महिलाएं

सियावा की भागल में परिक्रमा व पुजा करती महीलाएं